1.50 लाख कनेक्शन नियमित हो तो 10 हजार करोड़ की आय संभव – बेनीवाल

बेनीवाल ने उठाया कुओं पर बिजली  कनेक्शन का मुद्दा

विधायक हनुमान बेनीवाल ने फिर राज्य विधान सभा में डार्क जोन घोषित होने से पहले खोदे गये कुओं पर लगे अवैध कनेक्शनो  को नियमित करने की मांग उठाई।   बेनीवाल ने कहा की राज्य भर में चल रहे 1.50 लाख अवैध  कनेक्शनो  को नियमित कर दिया जाये तो सरकार को 10 हजार करोड़ की अतिरिक्त आय हो सकती हे। यदि अकेले खिवसर से अवैध कनेक्शनो  को नियमित कर दिया जाये तो 500 करोड़ की आय हो सकती हें।  6 घंटे नियमित बिजली देने पर 300 करोड़ सालाना मिल सकते हे। अभी सरकार को कुछ नहीं मिल रहा हें।

Hanuman Beniwal in Assembely

विधानसभा में शुन्यकाल के दोरान स्थगन प्रस्ताव के  माध्यम से मामला उठतें हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा की उनके क्षेत्र में दिसम्बर 2013 से फरवरी 2014 के मध्य बहुत बड़ा आंदोलन चला।  सरकार ने अश्व्शत किया की कमेटी बनाकर 2004 से पहले खोदे गए कुओं को नियमित किया जाएगा।  सरकार उद्योगों व अन्य जगह लोगो को फायदा दे रही हे तो किसानो को फायदा क्यों नहीं दे रही ?  हनुमान बेनीवाल ने सुझाव दिया की यदि किसानो से एफीटेविड ले लिया जाये की उनका कुआ 2004 से पहले खुदा हुआ हे।   एफीटेविड गलत निकले तो उनके खिलाफ कारवाही की जाये।

लोकसभा – विधानसभा चुनाव के दोरान भी प्रत्याशी  की सम्पति के लिए ऐसे ही एफीटेविड को मान्य किया जाता हे तो किसानो का क्यों नहीं ?

Hanuman Beniwal

हनुमान बेनीवाल ने सरकार से मांग की, कि घोषणा पत्र में की गयी घोषणा में सिविल लाइवेलिटी को खत्म करने, जो भी शोटें भरी हुई हे, उनको दुगुनी तिगुनी रेट में वापस ले।  किसानो की शोटें भरने के मुकदमे वापस लेने की घोषणा करें।  पटवारी या रेवेन्यू अधिकारी  से कुएं के 2004 से पहले खुदे होने का प्रमाण मांगेगे तो इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा ।

 

मंत्री ने दिया ये जवाब विधायक बेनीवाल को

संसदिय कार्य मंत्री राजेन्दर राठोड़ ने इस मुद्दें पर जवाब देते हुए कहा की राज्य सरकार के पास फ़िलहाल  ऐसी कोई योजना नहीं हे जिसमे डार्क जोन में आने वाले कुओं के कनेक्शन नियमित किये जाये।   उन्होंने कहा की सरकार के पास किसी भी प्रकार के अवैध कुएं के कोई आकड़े नहीं हें।  हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार विधुत  कनेक्शन बंद करखे हें।  वैसे एक यूनिट के टी एंड डी लोड होने पर जिसमें थोरी भी शामिल  हे , पर 1.48 रु. की हानी का भार आता हे।  पिछली सरकार ने जिस तरह काम किया उससे विधुत कम्पनीया 77 हजार 453 करोड़ की हानी में हें।  मुख्यमंत्री विधुत सुधार योजना में धीरे – धीरे टी एंड डी लोड को काम कर रहे हें। कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी हुई हे जो रिव्यु करती हें। अगर कोई मामला सामने आता हे तो कलेक्टर को निर्देश देंगे कमेटी के आधार पर वह फेसला करें।

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