कर्नाटक जैसे हालत राजस्थान में रहे तो राजस्थान में भी बनेगा तीसरे मोर्चे का मुख्यमंत्री

कर्नाटक चुनाव में जिस तरह से जेडिएस किंगमेकर बनकर उभरी है। उसी तरह से राजस्थान में हनुमान बेनीवाल किंगमेकर बन सकते हैं। जिस तरह से इस वक्त प्रदेश की सियासत के समीकरण दिख रहें है, वैसी स्थिति में अगर हनुमान बेनीवाल लगे रहे तो वो किंगमेकर बन सकते हैं।

कर्नाटक जैसे समीकरण राजस्थान में बने निश्चित रूप से प्रदेश में तिसरे मोर्चे की सरकार

जिस प्रकार गत दिनों कर्नाटक में जेडिएस के 38 विधायक होते हुए भी मुख्यमंत्री जेडिएस का बना और कांग्रेस के पास 78 विधायक होने के बावजूद कांग्रेस ने जेडिएस को बिना शर्त समर्थन दिया। और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विपक्ष में बैठगी। ठिक इसी प्रकार यदि राजस्थान की जनता भी 2018 में खण्डीत जनादेश पेश करती है और हनुमान बेनीवाल समय रहते प्रदेश की जनता के सामने तिसरा मोर्चे का विकल्प रख देते हैं तो निश्चित रूप से राजस्थान में भी मुख्यमंत्री तिसरे मोर्चे का ही बनेगा।

बीजेपी-कांग्रेस में मचा हुआ है घमासान

प्रदेशाध्यक्ष के नाम को लेकर बीजेपी के केंद्रीय आलाकमान और राज्य सरकार में घमासान मचा हुआ है। वसुंधरा राजे अपने मन का प्रदेशाध्यक्ष चाहती हैं तो केंद्रीय नेतृत्व अपने पसंद का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त करना चाहता है। ऐसे में अगर वसुंधरा राजे के मन की नहीं हुई तो वो प्रदेश में खेल बिगाड़ देंगी जिससे हो सकता है कि बीजेपी की ज्यादा सीटें ना आएं।

वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस में गहलोत और पायलट खेमा सक्रिय है। इनकी आंतरिक लड़ाई से कांग्रेस को आने वाले चुनाव में नुकसान पहुंचा सकती है। और कांग्रेस भी अपनी उम्मीद से कम सीट पर सिमट सकती है।

बीजेपी और कांग्रेस की स्थिति से साफ है कि अगर इनके बीचे इसी तरह से घमासान मचा रहा तो ऐसी स्थिति में हनुमान बेनीवाल जिस तरह से अभी लगे हुए हैं तो वो किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। यह बात दोनों पार्टियां बाखूबी समझ रही हैं। तभी तो बीजेपी की ओर से हर संभव प्रयास कर हनुमान बेनीवाल को अपनी पार्टी में वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

किरोड़ी के जाने के बाद बेनीवाल कद बढ़ा 

हनुमान बेनीवाल का कद किरोड़ी लाल मीणा के बीजेपी में जाने से और बढ़ गया है। वो लोगों के बीच में और भी लोकप्रिय हो गए हैं। जिसका फायदा उन्हें आगामी चुनाव में मिल सकता है। औऱ वो बीजेपी और कांग्रेस के हिसाब-किताब को बिगाड़ सकते हैं। दोनों पार्टीयों में से अगर किसी को भी बहुमत हासिल नहीं होता है तो हनुमान बेनीवाल किंगमेकर बन सकते हैं। यानि कि ये हनुमान जिस पार्टी के साथ जाएगा वो ही पार्टी प्रदेश में सरकार बनाएगी।

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